Pregnancy symptoms of 8 and 9 month | 8th month pregnancy in Hindi | 8th and 9th month of pregnancy

 प्रेगनेंट महिलाओ के 8वें  और  9वें  महीने के समान्य लक्षण

8th month pregnancy
अधिकांश प्रेगनेंट महिलाओ द्वारा अनुभव किये जाने वाले समान्य लक्षण|

बड़ते हुए पेट के कारण आपके पैरो और मूत्राशय पर अधिक दबाव पड़ता हैं,इसलिए इस दौरान आपको चलने में कठनाई होती है|



आपको अपने बढ़ते वजन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत पडती हैं,क्योंकी ये आपके पीठ दर्द का विशेष कारण बन सकता हैं|

आप अपने मानवदशा में बार-बार तीब्र परिवर्तन का अनुभव कर सकते हैं, चिंता न करे ये बिल्किल समान्य हैं,और सभी महिलाओ के साथ होता हैं|

इस दौरान अपने पेट की गोलाई व वृद्धि के कारण आप झुक नहीं पाएंगी|

8 वे महीने में आप हर तरह के मौसम में बेहद गर्म महसूस करती हैं, इस महीने में आप अधिक थकान महसूस करती हैं|

आपके स्तनाग्र गहरे रंग के हो जाते हैं,और आपके स्तन भरी व भरे हो जाते हैं|

यह वह समय होता हैं जब आप अपने बढ़ते बच्चे के साथ एक गहरा बंधन मासुस करते हो|

इस दिनों आपको अक्सर साँस लेने पर हाफ्ने का अनुभव होता हैं|

आप अपने स्तनों में दर्द भी मासुस कर सकती हैं, इससे बचने के लिए आप सही नाप वाली आरामदायक ब्रा  पहने, आप इससे  सोते समय भी पहन सकती हैं क्यों की,यह स्तनों का दर्द व भरीपन को सभालने में मदद करता हैं|

क्या करे और क्या ना करे 

प्रेगनेंट महिलाओ को घूमना फिरना अच्छा नहीं है पर छोटी छोटी सैर करना आपकी सेहत क लिए बहुत अच्छा  होता हैं|

जितना हो सके उतना अपने शरीर को सक्रीय और लचीला रखे|

जो भी कार्य में रूचि हो आपको वो करे ऐसा करने से आपको खुश व शांत महसूस करने के साथ अनावश्यक तनाव व विचारों को दूर करने में मदद करती हैं|

यह कार्य जैसे -किताब का पढना ,पौधौं को पानी देना ,उनकी देखभाल करना, पेंटिंग बनाना, गायन करना अदि जैसे कुछ भी अच्छे कार्य कर सकते हैं|

विटामिन C के साथ -साथ लौह युक्त खाघ पधार्थों जैसे-अंडे,फल,अनाज,पत्तेदार सब्जिय,मीट,मच्छी का सेवन करे|

सोते समय सभी म्रुद्रा का होना आपके शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, अपने बाएँकरवट में सोने की कोशिश करे ,क्यों की इससे आपके गुर्दे और यकृति को सुचारू रूप से कार्य करने को मिलती हैं|

इस समय आपको अत्यधिक सावधान रहने की जरुरत होती है, और आप कोई भी  वजन या भारी भरकम सामान न उठाये||

एक बार में ही भर पेट खाने की जगह आप थोड़ी मंत्रा में कई बार खाएं,ऐसा करने से एसिडिटी की समस्या नहीं होती हैं|

8 वे महींने का सबसे अहम् सावधानी हैं, जैसे बच्चे का वजन बढ़ता हैं आपके पेट और पेडू की जगह में दबाव बढ़ता जाता हैं, आप झुकने से बचने के लिए आप पीछे की और झुकती हैं, इससे आपकी पीठ में काफी दर्द होता हैं|

 इसलिए अपनी पीठ के दर्द को ध्यान में रखके इस समय जादा देर तक खड़े रहने वाले काम ना करे| इस समय बेहद जरुरी हैं की आप कम से कम रात में 8 घंटे की नींद ले, इसके अलावा दिन में भी कुछ देर आराम जरुर करे|

प्रेगनेंसी के 1 से 3 महीने में क्या करे क्या ना करे | 

प्रेगनेंसी के 3 से 6 महीने क्या करे क्या ना करे |